सर्जरी के दौर में, और उसके बाद भी
मैं सबसे ज़्यादा उनके निःस्वार्थ स्वभाव और हमेशा मदद के लिए तत्पर रहने की भावना की क़द्र करती हूँ।
दो दशकों से भी अधिक समय से उमा तुली जी और विरुपाक्ष का संबंध विश्वास, आस्था और मार्गदर्शन पर आधारित रहा है। वर्षों से, जीवन के कठिन समय में उमा जी और उनका परिवार विरुपाक्ष से मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त करता रहा है। जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर उन्होंने आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सहारा दिया है।
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2017 में उमा जी को एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती का सामना करना पड़ा, जब उन्हें ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता हुई। इस कठिन समय में विरुपाक्ष का आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सहयोग उमा जी और उनके परिवार के लिए शक्ति का स्रोत बना। उनके मार्गदर्शन और प्रार्थनाओं से सात घंटे की सर्जरी की तैयारी के दौरान परिवार को भरोसा और ढाढ़स मिला। सर्जरी सफल रही।
बाद में आई चुनौतियों के दौरान भी उनका मार्गदर्शन उमा जी के लिए आश्वासन का स्रोत बना रहा। हाल ही में एक और सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उमा जी को काफी दर्द हो रहा था। जब उन्होंने विरुपाक्ष से संपर्क किया, तो उन्होंने भगवान शिव को एक विशेष फूल अर्पित करने का सुझाव दिया। उमा जी ने ऐसा ही किया। वर्षों से उनके संबंध का हिस्सा रहे विश्वास और भक्ति के सरल कार्यों से उन्हें सुकून मिला।
समय के साथ विरुपाक्ष, उमा जी के परिवार और अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के उनके कार्य का भी अभिन्न हिस्सा बन गए। बड़ी चुनौतियों से लेकर रोज़मर्रा के फैसलों तक, उनका परिवार और संस्था के सदस्य अक्सर मार्गदर्शन और आश्वासन के लिए उनसे संपर्क करते हैं। जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर उनकी उपस्थिति और सहयोग लगातार बना रहा है।
उमा जी के लिए विरुपाक्ष की सबसे खास बात यह है कि वे बिना किसी अपेक्षा के दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं। वे वर्षों से उनके परिवार के प्रति दिखाई गई देखभाल और प्रतिबद्धता को महत्व देती हैं और अपने जीवन में उनका मार्गदर्शन पाकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं।
